पटना का अनोखा हनुमान मंदिर, जहां एक साथ मिलते हैं बजरंगबली के 6 स्वरूपों के दर्शन

Blinking post (पटना) : बिहार की राजधानी पटना में हनुमान जी के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, लेकिन राजवंशी नगर के बेली रोड पर स्थित पंचरूपी हनुमान मंदिर अपनी खास मान्यता के कारण अलग पहचान रखता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां भक्तों को बजरंगबली के साथ उनके पांच भाइयों के भी दर्शन एक ही स्थान पर होते हैं। मंदिर में हनुमान जी के पांच स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से स्थापित हैं, जबकि छठा स्वरूप भगवान श्रीराम के दरबार में उनकी सेवा करते हुए दिखाई देता है। मंदिर में स्थापित विशाल प्रतिमा करीब 25 फीट ऊंची बताई जाती है। व्यस्त बेली रोड पर स्थित होने के कारण मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

माता अंजना के छह पुत्रों का उल्लेख

मंदिर से जुड़े ज्योतिषाचार्य पंडित ओम तिवारी के अनुसार धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी के पांच भाइयों का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार माता अंजना के छह पुत्र थे और हनुमान जी उनमें सबसे बड़े थे। इसी मान्यता के आधार पर मंदिर में सभी छह भाइयों के स्वरूप स्थापित किए गए हैं। पंडित ओम तिवारी के मुताबिक ब्रह्मांडपुराण में हनुमान जी के भाइयों के नाम मतिमान, श्रुतिमान, केतुमान, गतिमान और धृतिमान बताए गए हैं।

अलग-अलग गुणों के लिए प्रसिद्ध थे भाई

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक भाई की अपनी अलग विशेषता थी। मतिमान को बुद्धि और नीति में निपुण माना जाता है, जबकि श्रुतिमान का संबंध वेद, शास्त्र और साहित्य के ज्ञान से बताया गया है। इसी तरह केतुमान को वीरता और युद्ध कौशल में दक्ष माना गया है। गतिमान तेज गति और लंबी छलांग लगाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वहीं धृतिमान को धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

एक मंदिर में छह स्वरूपों के दर्शन

मान्यता है कि इन पांचों भाइयों के अलग-अलग गुण हनुमान जी में भी मौजूद थे। यही वजह है कि पटना का यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बेली रोड से गुजरने वाले लोग अक्सर यहां रुककर पूजा-अर्चना करते हैं। पंचरूपी हनुमान मंदिर में एक ही स्थान पर हनुमान जी और उनके पांच भाइयों के स्वरूपों के दर्शन होने के कारण इसे पटना के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।

 

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