Blinkingpost :राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. (ISI) से जुड़े एक बड़े जासूसी मॉड्यूल को ध्वस्त करते हुए एक दंपती को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी साल 2024 से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (PIO) के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर सराय काले खां इलाके में जाल बिछाकर उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया है। महिला के पास से जब्त दो मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच में पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई कई आपत्तिजनक व संवेदनशील चैट्स सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का मुख्य काम भारत से एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स की खेप पाकिस्तान तक पहुंचाना था:
- दुबई के रास्ते तस्करी: स्थानीय स्तर पर हासिल किए गए भारतीय सिम कार्डों को पहले दुबई भेजा जाता था, जहां से वे पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचते थे।
- फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट्स: इन भारतीय नंबरों के जरिए पाकिस्तान में बैठे एजेंट वॉट्सऐप एक्टिवेट करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
- ग्रुप्स में घुसपैठ: भारतीय नंबरों की आड़ में ये हैंडलर्स विभिन्न ग्रुप्स में शामिल होकर देश की सुरक्षा और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े अहम इनपुट्स जुटाते थे।
पकड़ी गई दंपती को पाकिस्तान से भारत के सैन्य छावनी (कैंट) क्षेत्रों की रेकी करने और नए लोगों को नेटवर्क में जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा आरोपी साहिल को खासतौर पर ऐसे सैन्य कर्मियों का डाटाबेस तैयार करने का टास्क मिला था, जिनके खिलाफ ट्रिब्यूनल में कोर्ट मार्शल की प्रक्रिया चल रही है, …ताकि उनकी नाराजगी का लाभ उठाकर उन्हें जासूसी के जाल में फंसाया जा सके।”
स्पेशल सेल के डीसीपी नारा चैतन्य के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल और ओवरग्राउंड वर्कर्स पर निगरानी के दौरान इस मॉड्यूल का सुराग मिला था। उल्लेखनीय है कि इसी हफ्ते पुलिस ने दिल्ली के हौजरानी इलाके से प्रदीप्त बसु नाम के एक अन्य संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस को भी सलाखों के पीछे भेजा था। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पकड़ी गई दंपती से जुड़े अन्य संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहरी पड़ताल कर रही हैं।


