Blinking post, मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक सनसनीखेज अपराध के मामले में अदालत ने नजीर पेश करने वाला सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने पति की हत्या कर शव पर सांप छोड़ने की साजिश रचने वाली आरोपी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड (फांसी) की सजा मुकर्रर की है। वारदात के महज 547 दिनों के भीतर एडीजे-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत ने इस मामले को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rare of Rare) श्रेणी में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
कोर्ट में सजा के ऐलान से पहले का घटनाक्रम
शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा पर अंतिम सुनवाई हुई। जब न्यायाधीश ने दोषियों से सजा को लेकर सवाल पूछा, तो दोनों के बयान सामने आए:
• आरोपी रविता ने कहा: “मेरे तीन मासूम बच्चे हैं, उनके भविष्य और देखभाल का ध्यान रखा जाए।” इतना कहते ही वह खामोश हो गई।
• सह-आरोपी अमरदीप ने कहा: “घर पर बुजुर्ग माता-पिता हैं, जिनकी देखभाल के लिए कोई अन्य सहारा नहीं है।”
सजा तय होते ही दोनों अदालत के सामने रो पड़े।
अदालत की सख्त टिप्पणी और ऐतिहासिक संदर्भ
फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने भारतीय संस्कृति परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां भारतीय समाज में पत्नियां अपने जीवनसाथी की दीर्घायु के लिए करवाचौथ जैसे कठोर व्रत रखती हैं, वहीं इस मामले में प्रेमी के साथ मिलकर जीवनसाथी की निर्मम हत्या कर दी गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल शव के टुकड़े करना ही क्रूरता की सीमा नहीं होती, बल्कि इस प्रकार की सोची-समझी साजिश भी अत्यंत जघन्य अपराध है। फैसला सुनाने के तुरंत बाद न्यायाधीश ने अपनी कलम (पेन की निब) तोड़ दी।
तीन दिनों के भीतर मेरठ कोर्ट का दूसरा बड़ा फैसला
मेरठ जिला अदालत द्वारा पिछले 72 घंटों में फांसी की सजा का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पूर्व 14 अक्टूबर को बहुचर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में शामिल आरोपी मुस्कान और उसके सहयोगी साहिल को भी अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस दौरान पीड़ित परिवार के सदस्य भी अदालत परिसर में मौजूद रहे।


