Blinking post : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों ने पहली बार एक-दूसरे के असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सख्त बयान के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
खास बातें
🇺🇸 डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर हमला करता है, तो अमेरिका ईरान के पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाएगा।
🚢 अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।
🇮🇷 IRGC ने जवाब में दावा किया कि संघर्ष बढ़ने पर अमेरिका को “राष्ट्रीय शोक” जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
⚠️ ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा, “या तो सभी तेल बेचेंगे या कोई भी नहीं।”
⛽ ईरान ने संकेत दिया कि यदि उसका तेल निर्यात बाधित हुआ तो क्षेत्र के अन्य देशों का तेल व्यापार भी प्रभावित होगा।
💥 ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमले की स्थिति में क्षेत्र में अमेरिकी हितों से जुड़े ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है।
🌍 विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
📈 इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।


