Blinking post: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने अपने ही चार साल के मासूम बेटे की फावड़े से काटकर हत्या करने और उसके बाद शव को जलाने का प्रयास करने वाली एक महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी महिला पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) मुकेश चौहान ने रविवार को इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) लोकेश नागर की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों को देखने के बाद आरोपी महिला, आदेश देवी, को हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में दोषी पाया और यह कड़ा फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला?
यह खौफनाक वारदात 12 जून 2024 को हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के जलालपुर हसना गांव में घटित हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी आदेश देवी (पत्नी कपिल) ने अपने 4 वर्षीय बेटे हर्ष पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इतने से भी मन नहीं भरा, तो उसने अपराध को छिपाने के लिए मासूम के शव को लकड़ियों के ढेर में रखकर आग लगा दी।
इसी बीच, महिला का पति कपिल जब खेतों से काम कर घर लौटा, तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत बच्चे को आग से बाहर निकाला और अस्पताल भागा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी; डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पति कपिल की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आदेश देवी को जेल भेज दिया था, जिसके बाद अब कोर्ट ने उसे उसके कर्मों की सजा मुकर्रर की है।


