Blinking post (पटना): पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया स्थायी मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) मिलने जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता में 6 अगस्त 2026 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। केंद्र सरकार की स्वीकृति और राष्ट्रपति की अंतिम मुहर के बाद वह अपना नया पदभार संभालेंगे।
न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के रिटायरमेंट के बाद से खाली था पद
पटना हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद 11 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद से खाली चल रहा था। इसके बाद हाईकोर्ट के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब कॉलेजियम की इस ताजा सिफारिश के साथ ही स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है।
30 साल से अधिक का न्यायिक अनुभव: जानिए कौन हैं जस्टिस राव
1990 में दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून (LL.B.) की डिग्री हासिल करने के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव ने मार्च 1991 में अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट, सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) की प्रधान पीठ के साथ-साथ मद्रास हाईकोर्ट और पोर्ट ब्लेयर स्थित कलकत्ता हाईकोर्ट की सर्किट बेंच में लंबी वकालत की। अप्रैल 2013 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और मार्च 2015 में वह स्थायी जज बने। इसके बाद वर्ष 2024 में उनका स्थानांतरण कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया था, जहां उन्होंने मई 2025 में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी सेवा दी। जुलाई 2025 में उन्हें पुनः दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित किया गया था।
जजों की कमी और लंबित मामले: नए चीफ जस्टिस के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
पटना हाईकोर्ट में वर्तमान में जजों के कुल 53 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 43 जज ही कार्यरत हैं। ऐसे में नए चीफ जस्टिस के सामने अदालतों में लंबित मामलों के जल्द निपटारे के साथ-साथ खाली पदों को भरने और न्यायिक प्रशासन को गति देने की मुख्य चुनौती रहेगी।


