Blinking post, अंबाला: हरियाणा के अंबाला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में गुरसिमरन सिंह मंड की गाड़ी में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मंड श्री गुरु हरकिशन साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी को लेकर विवाद हो गया और बाद में कुछ लोगों ने वाहन में तोड़फोड़ कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब मंड की गाड़ी की चपेट में आने से एक पाठी के पैर में चोट लग गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और वहां मौजूद कुछ लोगों ने मंड की गाड़ी को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी।
घटना के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और मारपीट की स्थिति भी पैदा होने की जानकारी सामने आई है। गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। विवाद की वास्तविक वजह, गाड़ी से पाठी के घायल होने की परिस्थितियों और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच की जा रही है।
गुरसिमरन सिंह मंड की सुरक्षा बढ़ी, केंद्र ने दी Y+ सिक्योरिटी; धमकियों के बाद लिया फैसला
सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस नेता गुरसिमरन सिंह मंड की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। उनकी सुरक्षा को लेकर मिले खतरे के इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि मंड को लगातार धमकी भरे ई-मेल और अन्य माध्यमों से धमकियां मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
अब 19 सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
जानकारी के मुताबिक, मंड की सुरक्षा में पहले पंजाब पुलिस के 8 जवान तैनात थे। हालिया सुरक्षा इनपुट के बाद केंद्र ने सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय बलों को भी शामिल किया है। Y+ सुरक्षा के तहत 11 केंद्रीय जवान उनकी सुरक्षा में लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह अब उनकी सुरक्षा में कुल 19 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
मंड का दावा है कि उन्हें लंबे समय से पाकिस्तान समर्थित खालिस्तानी तत्वों और गैंगस्टरों की ओर से धमकियां मिलती रही हैं। उन्होंने कई बार पंजाब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
गोल्डी बराड़ से भी खतरा होने का दावा
कांग्रेस नेता पहले गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से भी जान का खतरा होने की बात कह चुके हैं। मंड के अनुसार, उन्हें विदेशी मोबाइल नंबरों से फोन और WhatsApp के जरिए धमकियां दी गई थीं। उन्होंने इस संबंध में पंजाब के पुलिस अधिकारियों को भी शिकायत दी थी।
मंड ने आरोप लगाया था कि पंजाब पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और एक समय उन्हें उनके घर के भीतर ही रोक दिया गया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।
सुरक्षा एजेंसियों से मिले ताजा इनपुट और लगातार सामने आ रही धमकियों को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से अब उनकी सुरक्षा को Y+ श्रेणी में बढ़ाया गया है। हालांकि, सुरक्षा खतरे से जुड़े आरोपों और धमकियों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों की ओर से की जानी बाकी है।


