Blinking post: बॉलीवुड अभिनेत्री राधिका आप्टे ने फिल्मों में अनावश्यक न्यूडिटी और इंटीमेट दृश्यों को लेकर अपने पुराने अनुभव साझा किए हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि कई बार फिल्मों में ऐसे दृश्य कहानी की जरूरत के बजाय सिर्फ इसलिए जोड़ दिए जाते हैं क्योंकि कलाकार उन्हें करने के लिए तैयार होता है।
राधिका के मुताबिक, किसी भी सीन को फिल्म का हिस्सा बनाने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसका कहानी और किरदार से कितना संबंध है। उन्होंने कहा कि अगर किसी दृश्य की पटकथा में जरूरत नहीं है, तो केवल कलाकार की सहमति के आधार पर उसे शामिल नहीं किया जाना चाहिए। एक्ट्रेस ने अपने करियर का एक पुराना किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा कि एक फिल्म के दौरान उनसे इनरवियर में एक्शन सीन करने को कहा गया था। राधिका के अनुसार, उनके कुछ पुराने काम को देखकर लोगों ने यह धारणा बना ली थी कि वह इस तरह के किसी भी सीन के लिए आसानी से तैयार हो जाएंगी। राधिका ने इस तरह की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी कलाकार के पुराने काम को देखकर उसके बारे में यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में हर तरह के दृश्य करने के लिए तैयार होगा।
अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्मों में बोल्ड या इंटीमेट दृश्य तभी प्रभावी लगते हैं, जब वे कहानी की वास्तविक जरूरत हों। केवल दर्शकों का ध्यान खींचने या सनसनी पैदा करने के लिए ऐसे दृश्यों को शामिल करना उचित नहीं है।


