Blinking post, लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एंव बसपा सुप्रीमो मायावती कल कांशीराम साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर चुनावी संदेश दे सकती है। दरसअल, 9 अक्टूबर का दिन बहुजन आंदोलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिन बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहेब के परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। कांशीराम ने अपना जीवन सामाजिक रूप से वंचित और शोषित वर्गों को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समर्पित किया।
कांशीराम साहेब का मानना था कि सामाजिक बदलाव के लिए केवल संघर्ष ही नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति में भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को संगठित करने से शुरुआत की और आगे चलकर बामसेफ, डीएस-4 और बहुजन समाज पार्टी जैसे संगठनों के माध्यम से बहुजन आंदोलन को व्यापक आधार दिया।
उनकी राजनीति का केंद्र सामाजिक बराबरी, प्रतिनिधित्व और अधिकारों की लड़ाई थी। उन्होंने बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कांशीराम साहेब ने अपने विचारों और संगठन क्षमता के बल पर उत्तर प्रदेश की राजनीति समेत देश की राजनीति में बहुजन आंदोलन को एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। उनके प्रयासों ने बड़ी संख्या में लोगों को राजनीतिक और सामाजिक चेतना से जोड़ा। आज उनके परिनिर्वाण दिवस पर उन्हें याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी के उनके विचारों को समझना और आगे बढ़ाना भी है।


