15 परियोजनाओं, डबल इंजन नैरेटिव और डेरा कनेक्शन के जरिए भाजपा ने चुनावी रणनीति के दिए संकेत, गठबंधन पर नहीं दिखी कोई गुंजाइश।
Blinking Post : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे को केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की शुरुआती चुनावी रणनीति के रूप में भी माना जा रहा है। अपने संबोधन में मोदी ने आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर एक साथ निशाना साधते हुए यह संकेत दिया कि भाजपा राज्य में अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
भाषण के दौरान मोदी ने विकास, किसान, दलित और धार्मिक जुड़ाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। मंच पर हरी पगड़ी पहनकर पहुंचना और हरियाणा में किसानों को मिल रही एमएसपी का उदाहरण देना किसानों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं ‘डबल इंजन सरकार’ का जिक्र कर भाजपा ने विकास बनाम मौजूदा सरकार का नैरेटिव भी मजबूत करने का प्रयास किया।
दलित समाज को साधने के लिए प्रधानमंत्री ने संत रविदास और डेरा सचखंड बल्लां का विशेष उल्लेख किया। जालंधर दौरे के दौरान डेरा प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात और पंजाब से वाराणसी के लिए शुरू हुई ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मोदी ने अपने दौरे में कुल 15 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, रेलवे और स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनका लाभ मालवा, दोआबा और माझा के कई जिलों को मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन परियोजनाओं के जरिए भाजपा ने उन विधानसभा क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जहां भविष्य में चुनावी बढ़त हासिल करने की संभावना देखी जा रही है।
मुख्य पॉइंट्स
1.भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अकेले चुनाव लड़ने के संकेत दिए।
2. मोदी ने AAP, कांग्रेस और अकाली दल पर एक साथ हमला बोला।
3.’डबल इंजन सरकार’ के जरिए विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
4. हरी पगड़ी पहनकर किसानों को संदेश देने की कोशिश की।
5. हरियाणा में MSP और विकास कार्यों का उदाहरण देकर तुलना की।
6. डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से मुलाकात की।
7. संत रविदास और ‘संत रविदास एक्सप्रेस’ का उल्लेख कर दलित समाज तक पहुंचने का प्रयास किया।
8. 15 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
9. सड़क, रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया।
10. मालवा, दोआबा और माझा के कई जिलों को परियोजनाओं से लाभ मिलने की बात कही गई।
11. भाजपा ने विकास, किसान और सामाजिक समीकरणों को एक साथ साधने की रणनीति दिखाई।


