Blinking post: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा सवाल उठाया है। एक्स पर डाली एक लंबी पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को लगता है कि चुनावों में गड़बड़ी हो रही है, तो फिर उन्हीं चुनावों में लगातार हिस्सा लेने का क्या मतलब है?
दीपके ने सवाल उठाया कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने के साथ-साथ उसमें भागीदारी जारी रखने से कहीं न कहीं उसी व्यवस्था को वैधता मिलने का संदेश नहीं जाता?
दीपके ने कहा कि राजनीतिक दल अपने अस्तित्व को बचाने के लिए चुनाव लड़ते रहने की दलील दे सकते हैं, लेकिन जब वे वोटों में कथित हेरफेर जैसे मुद्दे उठाते हैं, तो उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वे आखिर किस तरह के राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
दीपके ने विपक्ष के दोहरे रुख पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि चुनावी धांधली का मुद्दा केवल चुनिंदा राज्यों में उठाने के बजाय सभी राज्यों और चुनावों को लेकर समान रुख अपनाया जाना चाहिए।
उन्होंने विपक्षी दलों से अपना रुख स्पष्ट करने की अपील करते हुए कहा कि अगर उन्हें चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें यह भी तय करना चाहिए कि ऐसी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी किस उद्देश्य से है। पोस्ट के अंत में उन्होंने राजनीतिक दलों से देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही।


