
ओडिशा के क्योंझर ज़िले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब 52 वर्षीय जीतू मुंडा अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गए। वह अपनी दिवंगत बहन के खाते से 19,300 रुपये निकालना चाहते थे, लेकिन बैंक द्वारा बार-बार दस्तावेज़ मांगने पर उनकी बात नहीं सुनी गई। मजबूरी में उन्होंने यह कदम उठाया। उनकी बहन, जो दिहाड़ी मज़दूर थीं, दो महीने पहले गुजर चुकी थीं। इस घटना ने सिस्टम की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब मामले की जांच में जुट गया है।

