फ्लाईदुबई फ्लाइट में भारतीय कैप्टन पर हमला, ओमानी को-पायलट पर विमान हाईजैक की कोशिश का आरोप
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट में हमला कर दिया। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन रूप से उतारना पड़ा। UAE अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और हमले के पीछे की पूरी वजह का पता लगाया जा रहा है।

Blinking post: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब उड़ान के दौरान को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया। शुरुआती जानकारी में चाकू से हमले की बात सामने आई थी, जबकि UAE सरकार की ओर से बाद में बताया गया कि विमान में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया था।
विमानों में रखी जाने वाली इस तरह की कुल्हाड़ी को आमतौर पर ‘क्रैश एक्स’ कहा जाता है। इसे किसी आपात स्थिति में विमान के हिस्से को काटने, आग तक पहुंचने या फंसे लोगों के लिए रास्ता बनाने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
आरोपी को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में
जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, हमले के आरोपी को-पायलट की पहचान ओमान निवासी हमाम अल-हमामी के तौर पर हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांचकर्ताओं को उसके कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था, लेकिन 2024 में कथित कट्टरपंथी गतिविधियों और ऑनलाइन सामग्री से जुड़े सवालों के बाद उसे पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दिए जाने की बात सामने आई है। करीब आठ महीने पहले उसके फ्लाईदुबई से जुड़ने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अल-हमामी ने ओमान के बाहर समय बिताया था और सीरिया में रहने के दौरान कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
क्या विमान को इजराइल में गिराने की योजना थी?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अल-हमामी ने कथित तौर पर विमान को इजराइल में क्रैश कराने की योजना से जुड़ी बात कही। जांचकर्ताओं को उसके पास से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का भी दावा किया गया है।
हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कैप्टन पर हमला केवल व्यक्तिगत हमले तक सीमित था या इसका संबंध विमान पर नियंत्रण हासिल करने की किसी कथित योजना से था।
हमले के दौरान तेजी से नीचे आया विमान
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना उड़ान शुरू होने के करीब ढाई घंटे बाद हुई। हमले के दौरान विमान की ऊंचाई में भी अचानक बदलाव आया। फ्लाइट ट्रैकिंग संबंधी जानकारी के अनुसार, विमान लगभग एक मिनट के भीतर 33 हजार फीट से करीब 17 हजार फीट तक नीचे आया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कथित हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद क्रू सदस्यों और यात्रियों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को सुरक्षित संभालने में सहयोग किया।
तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। उस समय विमान में कुल 174 लोग सवार थे। इनमें बड़ी संख्या में इजराइली यात्री थे, जबकि भारतीय और UAE के नागरिक भी मौजूद थे।
अमेरिकी विदेश विभाग की जानकारी के मुताबिक, विमान में चार अमेरिकी नागरिक भी सवार थे। हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए। बाद में उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी मिलने पर भी सवाल
इस मामले की जांच में एक अहम पहलू यह भी है कि ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं होने के बावजूद अल-हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई उड़ान में को-पायलट की जिम्मेदारी कैसे मिली।
रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल की सुरक्षा और संबंधित एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं। जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि पहले सामने आई चिंताओं के बावजूद वह इस उड़ान के क्रू का हिस्सा कैसे बना।
घटना के बाद आरोपी को सऊदी अरब से UAE भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। UAE में उसके खिलाफ मामले की जांच की जा रही है, जिसमें आतंकवाद से जुड़े पहलू भी शामिल बताए गए हैं।
PM मोदी ने कैप्टन स्मित से की वीडियो कॉल पर बात
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच करीब नौ मिनट तक बातचीत हुई।
घटना में विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने में कैप्टन की भूमिका की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने भारत में भी व्यापक ध्यान खींचा है। हालांकि, हमले और कथित हाईजैक योजना से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच अभी जारी है।


